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Supriya Devkar

Romance

4  

Supriya Devkar

Romance

टास्क 1 यादे

टास्क 1 यादे

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तु आज भी है मेरे 

जिगर का टुकड़ा 

कभी कभी नाराज होकर 

रहता है उखड़ा-उखड़ा 


तेरे हुस्न के दिवाने

बहुत है आज भी 

पर तेरा चााहनेवाला

मैं हूं आज भी 


तुझे देखना रोज एक

नया अनुुभव है 

तेरी हँसी में घुल-मिल जाना 

एक नया सिलसिला है


तुझे पाकर हमने 

खुशियाँ है पायी 

तू है हर दुख की 

मीठी सी दवाई।


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