नदी और कनारे
नदी और कनारे
किनारे तो हर नदी के है ,किनारे रहते आएंगे।
अगर नौका चलेगी तो किनारे मिलते जाएंगे।
जो डरते रहते हैं दुख की नदी को पार करने में।
कहो वह सुख के सागर में डुबकी कैसे लगाएंगे।
वक्त का दौर है जीवन में सुख दुख आते जाते हैं।
जीवन में अंधेरे आते रहते हैं अंधेरे जाते जाएंगे।
रहा है कौन असफल और किसने सफलता पाई।
सफल असफल भी होते हैं कारवां चलते जाएंगे।
