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Sheetal Raghav

Classics Inspirational

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Sheetal Raghav

Classics Inspirational

नारी शक्ती

नारी शक्ती

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फिल्म : आखिर क्यों ?

कोमल है, कमजोर नहीं।

तू शक्ति का नाम ही नारी है।

सबको जीवन देने वाली

मौत भी तुझ से हारी है।




कोमल थी ना कमजोर कभी तू, 

महालक्ष्मी मां काली है,

 दुष्टों का संहार करे, तू, 

कलयुग के अवतारी है।


बीता जो अन्याय वो तुझ पर, 

अब इतिहास बदल लेना

 हो, तुझ पर अन्याय अगर तो, 

काली रूप तू धर लेना।


कोमल थी, ना कमजोर कभी तू,

महालक्ष्मी माँ काली है, 

दुष्टों का संहार करे। 

तू कलयुग कअवतारी है। 


कोमल थी ना कमजोर कभी तू, 

महालक्ष्मी मां काली है,

 दुष्टों का संहार करे, तू, 

कलयुग के अवतारी है।


वक्त की मार को तूने झेला, 

झांसी की बेला को खेला,

कर प्रहार तू चंडी बन कर, 

तू लक्ष्य अधिकारी है।


कोमल थी ना कमजोर कभी तू ,

महालक्ष्मी मां काली है, 

दुष्टों का संहार करे, तू, 

कलयुग के अवतारी है।


रानी झांसी की कभी है तू, 

तो कभी पद्मावती रानी है,

अग्निकुंड को गले लगाया,

तू वो स्वाभिमानी है।


कोमल थीं ना कमजोर कभी तू, 

महालक्ष्मी माँ काली है, 

सब दुश्मन को परास्त करें

 तू, तू वो भागोवाली है 


कोमल थीं ना कमजोर कभी तू 

महालक्ष्मी मां काली 

दुष्टों का संहार करी तू 

कलयुग के अवतारी है

कोमल थीं ना कमजोर कभी तू ।



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