STORYMIRROR

Neelam Chawla

Abstract

3  

Neelam Chawla

Abstract

नापसंद

नापसंद

1 min
168

सख्ती से नापसंद की हुई चीजें

मन को पीडा देती है।


गुलाब को काँटो का नापसंद होना

प्रेमी का प्रेमिका से बिछड़ना

हाथ का मैला होना 


मन का उजाड होना 

रिश्तो का सिसकना 

आत्मा का बन्धन से मुक्त होना।


नापसंद की कुछ कहानियाँ है नापसंद 

फिर भी कहानियाँ ठहरी रहेंगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract