न बोले तुम न मैंने कुछ कहा
न बोले तुम न मैंने कुछ कहा
निगाहें मिलीं क्या कि प्यार हो गया
फिर इशारों में ही इक़रार हो गया
कुछ न बोले तुम न मैंने कुछ कहा
नजर ही नज़र में दिल शिकार हो गया..
अद्भुत अनुभूति से चेहरा निखर गया
रोम-रोम कम्पित हो पल में सिहर गया
ख्वाब की दुनिया सजी आगाज इश्क़ का
एहसास एक नया आधार हो गया..
जादू किया हैं उनकी कुछ शरारतों ने
मन मोह सा लिया उनकी हिफाज़तों ने
साथ जीने-मरने का वादा इरादा पक्का
ऐसा लगा जैसे प्रभु से सरोकार हो गया..

