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Rita Jha

Tragedy

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Rita Jha

Tragedy

मुस्कुराने से पहले

मुस्कुराने से पहले

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ज़रा सोच लो मुस्कुराने से पहले,

दिलजले बैठे हैं, पग पग पर सुन ले।

खुशी कभी किसी की सह नहीं पाते,

जल भुन जाएँ देख किसी को मुस्कुराते!

जब कभी नेक इरादों को तोड़ नहीं पाते,

पिछले रास्ते से घुस कर हैं घात लगाते!

चाहते हैं तहस नहस करना किसी का वजूद,

फौलादी इरादों के सामने पर टिक नहीं पाते!

असफलता जो मिलती, हैं बड़े तिलमिलाते,

अपनी दुष्ट वृत्ति को पहले से वे दुगूना बनाते,

घातक इरादों संग लैस,अपनी ताकत आजमाते

सह नहीं पाते,देखें जो किसी को भी मुस्कुराते!

छल कपट, बैर द्वेष से पूर्ण अपने कदम बढ़ाते,

खुश होते हैं ,देख किसी को तकलीफों में रोते,

निश्चित वो इंसान कहलाने के काबिल नहीं होते,

अपनी कुचक्रों से, जो सबकी मुस्कुराहट छीनते।


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