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Rita Jha

Abstract Others

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Rita Jha

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पहली मुलाकात

पहली मुलाकात

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पहली मुलाकात की कशिश आज भी है।

राह चलते टकरा जाना याद आज भी है।

चली जा रही थी अपनी ही धुन में मगन

देखा जब तुझे सामने लगी दिल में अगन


अपनी अनूठी अदाओं से तुम मुझे लुभा रहे थे।

दिल की धड़कन बढ़ी, जब तुम पास आ रहे थे।

चाहा था दूर जाना, किया मैंने एक तगड़ा बहाना,

तुम्हारे प्यारे अल्फ़ाज़ों ने साधा दिल पर निशाना।


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