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Rita Jha

Abstract Classics Inspirational

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Rita Jha

Abstract Classics Inspirational

तेरी महिमा अपरम्पार

तेरी महिमा अपरम्पार

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मैया तेरी महिमा अपरम्पार

गुहराऊँ मैं कर दो बेरा पार


नैया बीच मझधार में है फंसी

तू है मैया सबकी पालनहार।


एक बार जो तेरी कृपा हो जाए

नैया भवसागर के पार उतर जाए


पूजा मैया तेरी करती मैं भी दिन रात,

तू खुश हो तो मेरी जिंदगी संवर जाए।


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