STORYMIRROR

Shivanand Chaubey

Inspirational

3  

Shivanand Chaubey

Inspirational

मुस्कान

मुस्कान

1 min
337

वेदनाओं में मधुर मुस्कान लिखता हूँ

नफरतों में प्रेम का मैं गान लिखता हूँ


ऐ मेरे खाके वतन तू रूह है और जान मेरी

शौर्य गाथा में तेरे मैं जमीं आसमान लिखता हूँ


भाव विश्व वन्धुत्व का है दिले जर्रो में तेरे

सत्य अहिंसा प्रेम दया का मैं आन लिखता हूँ

 

हैं संजोये दिल में अपने हमने तेरी शौर्य गाथा

वीरों के रक्त से सिंचित मातृभूमि की आन लिखता हूँ


हैं शिवम् ख़्वाहिश मेरी हो कफ़न मिट्टी वतन की

वास्ते तेरे मैं अपनी ख़ुशियों का जहान लिखता हूँ!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational