STORYMIRROR

YOGESH KUMAR SAHU

Classics

3  

YOGESH KUMAR SAHU

Classics

मुश्किल है....

मुश्किल है....

1 min
129

यकीनन मुश्किल है बहुत,

समझा पाना इस दिल को।


मोहब्बत के समंदर में भला

किनारा कौन ढूंढ़ पाया है।


कई मिलते है कहने वाले,

समझते है तुम्हारे दुःख को।


पर समझता वही है जिसने,

खुद चोट खाया है।।

यकीनन मुश्किल है बहुत।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics