STORYMIRROR

Anand Mishra

Romance

4  

Anand Mishra

Romance

मुलाकात

मुलाकात

1 min
231

आज फिर तुमसे अचानक यूं मुलाक़ात हुई 

एक पुराने ख़त से बड़ी देर तलक बात हुई


बहुत देर हुई आंखों में नमी आई है 

आज फ़िर उन्हीं ख़ुशियों के साथ रात हुई 


खुद से बिछड़े के खुद को खो दिया तुझमें, 

खुद को खोया है यूं के तुझसे मुलाकात हुई.


क्यूँ पुरवाइयों की ठंड से दिल जलता है 

अबके सावन ये कैसी शोलों की बरसात हुई.


मेरे हबीब गो के मै तेरा नसीब नहीं

तुझसे हटकर कहां है मेरी कोई जा़त हुई। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance