STORYMIRROR

Vaibhav Dubey

Romance

2  

Vaibhav Dubey

Romance

मुक्तक

मुक्तक

1 min
233

ज़माना कुछ तो बोलेगा न दिल मगरूर कर लेना

जरा सी बात पर ख़ुद को न यूँ मजबूर कर लेना

तुम्हें मुश्किल से पाया है हमें खोना नहीं तुमको

गलतफहमी जो हो जाये तो मिलकर दूर कर लेना



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance