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Javed Ali

Tragedy

4  

Javed Ali

Tragedy

मुख कंकाल रह गया शेष

मुख कंकाल रह गया शेष

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बचाकर धूम्रपान-अवशेष 

मुख कंकाल रह गया शेष,

धूम्रपान का विष पिया

और ना रहा जीवन शेष, 

बन गया काल 

हो गई मृत्यु अकाल, 

बचाकर धूम्रपान अवशेष

मुख कंकाल रह गया शेष,

बना दिया जीवन को मरण

नहीं समझा जीवन अनमोल, 

लगाकर धूम्रपान पर जोर 

दिया शीघ्र प्राणों को छोड़,

बचाकर धूम्रपान अवशेष 

मुख कंकाल रह गया शेष,

पीछे छोड़ गया जो कुल 

चढ़ गए विषाद की शूल

थी जो उसकी भूल, 

बचाकर धूम्रपान अवशेष

मुख कंकाल रह गया शेष


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