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Sushil Kumar pal

Romance

3  

Sushil Kumar pal

Romance

मुझे रोकते क्यो हो

मुझे रोकते क्यो हो

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मुझे रोकते क्यो हो 

जरा दिल को बहलाने दो।।

         तुझे जी भर के देखू

         जरा नजर तो उतार लेने दो।।

तेरी ज़ुल्फ़ उड़ रही है

जरा उसे सवार लेने दो।।

         मुझे तेरे बिन नींद ना आए

         जरा तकिया लगा लेने दो।।

अब मैं चलता हूँ परदेस

जरा गले लगा लेने दो

          मुझे क्यों रोकती हो

          जरा नजर से नजर मिला लेने दो

          प्यार के बारिश बरसा लेने दो।।



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