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Sushil Kumar pal

Others

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Sushil Kumar pal

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एक दुनिया मेरी भी है

एक दुनिया मेरी भी है

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मुझे खुल के जीने दो

हम अभी नाजुक हैं

कही टूट ना जाये 

एक दुनिया मेरी भी है।।


      अभी तो दूध के दांत है

       अभी इसे टूटने मे समय बाकी है

       मुझे भी खुल के जीने दो

      एक दुनिया मेरी भी है।।


गांव की हरियाली कहीं धान

कही गेहूं की बाली 

इसे चूमने का एक अवसर हमे भी दो

मेरी भी एक जिंदगी है 

इसे खुल के जीने दो  

एक दुनिया मेरी भी है।। 


  गांव बाहरी एक नदी है टेकारी 

      उसमे डुबकी लगाने का एक अवसर हमे भी दो

      मेरी भी एक जिंदगी है इसे खुल कर जीने दो

      एक दुनिया मेरी भी है।

              



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