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विनीता धीमान

Drama

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विनीता धीमान

Drama

मुझे मत मारो माँ

मुझे मत मारो माँ

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माँ मेरा तेरा अंश हूँ

माँ अब मैं तेरा वंश हूँ

सच कहा है लोगो ने

एक बेटी को पालने में


पिता का सर झुक जाता है

माँ का आँचल छोटा हो जाता है


माँ बेटी हूँ तेरी

एक बेटे का फर्ज अदा करूंगी

पिता की लाठी बनूगी

अपने कर्म निभाऊंगी


अब तो बेटे भी पराये है

पराई बेटी को क्यो रोना

अंतिम समय मे तुम्हारी

सेवा मै ही करूंगी


माना अभी छोटी हूँ

लेकिन समझ है

जिंदा रही तो तेरी

आंख का तारा बनूँगी


मुझे मत मारो माँ

मैं तेरा ही अंश हूँ


तेरा आज और कल हूँ

पिता की इज़्ज़त हूँ

भाई का प्यार हूँ

घर की दहलीज हूँ


ईश्वर का दिया वरदान हूँ

तेरे घर का रोशनी हूँ

तू मुझे अपना तो बना ले

थोड़ा पिता को समझा ले


मुझे मत मारो माँ

मैं तेरा ही अंश हूँ।


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