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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Drama Romance Others

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अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina

Drama Romance Others

मसला मुसीबतों का

मसला मुसीबतों का

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क्यों मसला मुसीबतों का सुलझता नहीं

झूठ की आग से भी सच झुलसता नहीं 


जग की सुनी औ' समझा हमको गलत-

दुःख इस बात का है, तू समझता नहीं.. 


परेशानियां हो जायेंगी ख़त्म धीरे-धीरे .. 

बोल क्यों भला इनसे तू उलझता नहीं.. 


शायद किस्मत ही है कुछ तो रूठी हुई-

ऐसा नहीं तू गिर-गिरकर संभलता नहीं..


एतबार हमें है तेरे सभी वादों पर सखे-

कभी मौसमों-सा तो तू बदलता नहीं.. 


नाराजगी-ख़ामोशी सब अपनी जगह-

ऐसा नहीं एहसास से मन मचलता नहीं..


बात तो प्रेम-समर्पण की है 'आईना'

कैसे कह दूँ कि पत्थर पिघलता नहीं.. 



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