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Vandana Srivastava

Inspirational

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Vandana Srivastava

Inspirational

मशीनी दौर

मशीनी दौर

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आयेगा एक मशीनी दौर ,

जब इंसान इंसान नहीं रहेगा,

चलेगा वो इलेक्ट्रिक बैटरी से, 

हर पुर्जा कारखानों में तैयार मिलेगा,

फिर ना लगेगी किसी को भूख प्यास,

ना कोई दवाइयों के बगैर मरेगा,

खत्म हो जायेगी इंसानियत भीतर,

प्रकृति पर ना कोई जोर चलेगा,

उगेंगे दस बीस सूरज गगन में,

चॉंद पर जा कर फूल खिलेगा,

फोल्डबिल हो जायेंगे घर भी,

सब कुछ एडजस्टबिल मिलेगा,

बन जायेगी एक ऐसी दुनिया ,

जहॉं ना कोई रोग शोक होगा,

सब हो जायेगा मशीनी

 जब विज्ञान का जोर चलेगा,

उड़ती हुई कारें चलते हुये पेड़,

खूब होगी तरक्की तैरते हुये भेड़,

मछलियॉं सड़कों पर चलेंगी 

पानी पर तैरेंगी सड़कें,

एक दूसरे ग्रह तक जाने के लिये,

बन जायेंगे पुल और बनेंगी सड़कें,

ना कोई युद्ध होगा ना कोई दिल टूटेगा,

बना हुआ नया अंग नया दिल,

जब मॉल में बिकने लगेगा,

हो जायेंगे पशु भी मशीनी,

रिमोट से जो चलेंगे,

जैसे जैसे बटन दबेगा,

वैसी हरकतें वो भी करेंगे,

खाने के नाम पर कुछ ना होगा ,

तब भूख ही किसी को ना लगेगी,

कैसी होगी वह दुनिया,

यह सोच कर ही मलते हैं हथेली,

जब ना प्यार ना ही कोई भावनायें होंगी,

बस विज्ञान की भाषा में बस वैज्ञानिक बातें होंगी..!!


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