STORYMIRROR

Raj K Kange

Romance

3  

Raj K Kange

Romance

मोहब्बत

मोहब्बत

1 min
41

वो खुश है किसी और के साथ

अपनी दुनिया बसा के, 

लेकिन मेेेेरे लिए तो वही मेरा संसार था. 

मैं फिर भी खुश हूं उसकी खुशी के लिए, 

प्यार में कोई शर्त तो नहीं थी 

जितना मैं उसे चाहुंगी उतना ही चाहेेगा वो भी मुझे. 

पर कुछ तो बात होती है मोहब्बत में, 

कमबख़्त भीड़ में भी अकेला कर जाता है,

महफिल में हंसता हुआ चेहरा अक्सर

तन्हाई में रोता पाया जाता है. 

दुनिया के लिए उसमें कोई बात नहीं है, 

पर मेरे लिए उससे ज्यादा कुछ भी खास नहीं है. 

मगर अब इस दिल को समझाना होगा 

कि अब वो अमानत है किसी और की, 

मोहब्बत तो मेेेेरी ही थी 

पर अब चाहत है किसी और की!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance