STORYMIRROR

MOHIT BHASIN

Romance

2  

MOHIT BHASIN

Romance

मोहब्बत की इबादत

मोहब्बत की इबादत

1 min
77

कोई समां ऐसा भी हो , जहां इंसानों की भीड़ न हो

इश्क की जहां इबाबत हो, मोहब्बत को जहां पढ़ा जाए

कोई वो जहां भी तो लाओ यारों, जिस जहां का ख्याल ऐसा हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance