मंजिलो की उडान 💙
मंजिलो की उडान 💙
मंजिलों की उड़ान ऐ परिंदे
सुन ले मेरी एक आवाज,
मुश्किलों से क्यों घबराता है तू,
ये मुश्किलें तो आती जाती रहेगी,
इरादे नेक और होसले बुलंद,
कोई भी बाधा नहीं रोक सकती,
तुम्हें अपनी मंजिल को पाने में,
यूहू निराश हो कर ना बैठ,
उठ जाग और चल दे अपनी मंजिल,
इन काँटो भरी राहों में डर मत
बल्कि डटकर कर सामना,
ऐ परिंदे भरले अपनी उड़ान,
पँहुच-जा अपनी मंजिल।
