Dr Jogender Singh(jogi)
Fantasy
मनाही आने की है, तुझको रूबरू,
दुनिया ख़्यालों की, मेरी चटक जाती।
ठहर जाते ख़्वाब हसीन सारे,
नज़र बस तुझ पर अटक जाती।
नींद
गुरु
कैसी दीपावली
आखिरी जेवर
सुबह
भुल्लन
खिड़की की जाल...
विस्तार
बेपनाह
दूर नहीं तू
जैसे सूने नैनों में आशा की किरण बन रोशनी भरी झिलमिल एक आहट हुई। जैसे सूने नैनों में आशा की किरण बन रोशनी भरी झिलमिल एक आहट हुई।
बहू-बेटियों की जैसे लाज वो बचाते हैं।। बहू-बेटियों की जैसे लाज वो बचाते हैं।।
कि तूने मेरे लिए किया क्या है ? कि तूने मेरे लिए किया क्या है ? कि तूने मेरे लिए किया क्या है ? कि तूने मेरे लिए किया क्या है ?
आओ अब इतने बरस बाद भाई चार निभाते हैं। क्या आप लोग तैयार है हिंदू राष्ट्र में भाई चारा आओ अब इतने बरस बाद भाई चार निभाते हैं। क्या आप लोग तैयार है हिंदू राष्ट्र में...
नाम बदल गए, दाम बदल गए,बदल गए नर नार। नाम बदल गए, दाम बदल गए,बदल गए नर नार।
हाँ मरने के बाद भी मैं तुम में जीना चाहती हूं। हाँ मरने के बाद भी मैं तुम में जीना चाहती हूं।
करके इनकी देखभाल नन्हें बच्चों की तरह अपना मानव धर्म निभाए। करके इनकी देखभाल नन्हें बच्चों की तरह अपना मानव धर्म निभाए।
बल्कि वो प्यारे जानवर हमारे साथी और दोस्त बनकर हमारे आँसू पोछेगे। बल्कि वो प्यारे जानवर हमारे साथी और दोस्त बनकर हमारे आँसू पोछेगे।
विश्व संस्कृति की जन्मदात्री, वसुंधरा कहलाई हो।। विश्व संस्कृति की जन्मदात्री, वसुंधरा कहलाई हो।।
थामस ग्राहम अति विख्याता, गैसों के विसरण के ज्ञाता। थामस ग्राहम अति विख्याता, गैसों के विसरण के ज्ञाता।
तेरे प्यार में मिलती है खुशियों की बरसात, यार पापा, तेरा होना मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण तेरे प्यार में मिलती है खुशियों की बरसात, यार पापा, तेरा होना मेरे लिए सबसे म...
देखी जाएगी जो भी होगा सो होगा पर कभी भी नहीं छूटेगा ये साथ मेरा तुम्हारा। देखी जाएगी जो भी होगा सो होगा पर कभी भी नहीं छूटेगा ये साथ मेरा तुम्हारा।
घंटों निहारती हूं आईने में उसी को जो आ नहीं पाता है मेरे अधरों तक। घंटों निहारती हूं आईने में उसी को जो आ नहीं पाता है मेरे अधरों तक।
बड़े मोह माया का जाल, यहाँ कैसा अदृश्य बिहा विपरीत दिखाई देती हैं। जो सत्यता की शिक्षा बड़े मोह माया का जाल, यहाँ कैसा अदृश्य बिहा विपरीत दिखाई देती हैं। जो सत्यता ...
माँ और मिट्टी सदा महान रहेंगी। ये संसार जब तक रहेगा।। माँ और मिट्टी सदा महान रहेंगी। ये संसार जब तक रहेगा।।
यही तो असली मेरा और अपना है,, मैं और मेरा अकेलापन मेरे को बहुत पसंद है। यही तो असली मेरा और अपना है,, मैं और मेरा अकेलापन मेरे को बहुत पसंद है।
निशब्द बनी मैं खड़ी, उसके आगे कुछ ना कह सकी....! निशब्द बनी मैं खड़ी, उसके आगे कुछ ना कह सकी....!
जब कर चुकी हैं खुद को तुझपर निर्भर तो क्यों किस्मत ने ऐसा खेल खेला? जब कर चुकी हैं खुद को तुझपर निर्भर तो क्यों किस्मत ने ऐसा खेल खेला?
किसी ने आदर स्वरूप चरण स्पर्श किए किसी ने हाथ मिलाने की बेताबी दिखाई किसी ने आदर स्वरूप चरण स्पर्श किए किसी ने हाथ मिलाने की बेताबी दिखाई
मेरे घर कि बेटी आपके घर मर्यादा अपनायी है। घड़ी शुभ आज आई हैं बधाई है बधाई है।। मेरे घर कि बेटी आपके घर मर्यादा अपनायी है। घड़ी शुभ आज आई हैं बधाई है बधाई है...