STORYMIRROR

Dr Jogender Singh(jogi)

Fantasy

3  

Dr Jogender Singh(jogi)

Fantasy

मनाही

मनाही

1 min
83

 मनाही आने की है, तुझको रूबरू,

दुनिया ख़्यालों की, मेरी चटक जाती।


ठहर जाते ख़्वाब हसीन सारे,

नज़र बस तुझ पर अटक जाती।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy