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Neerja Sharma

Fantasy Inspirational Thriller

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Neerja Sharma

Fantasy Inspirational Thriller

मन पतंग

मन पतंग

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मेरा मन पतंग उड़ती ऊँचे आकाश,

न कोई डोर, न किसी पेचे का डर, 

झूम झूम उड़ती जाती ऊँचे आकाश।


जब फँसती किसी आँधी या झंझावात में,

हिम्मत कभी न हारती,नई राह बनाने में,

बाधा पार कर,सफल क्षितिज छूने में।


मन पतंग मेरी मेरे संग उड़ती,

सोच सकारात्मक रख मंजिल छूती,

ऊँचे भाव उपजवा, जज़्बा ऊँचा रखती।


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