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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

मन मीत मेरे तू आजा

मन मीत मेरे तू आजा

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मौसम बड़ा सुहाना बना है,

इश्क की तड़प मिटा जा,

इंतजार करता हूं मैं दिल से,

मन मीत मेरे तू आजा।


शाम का नज़ारा मस्त बना है,

मुझे इश्क का तराना सूना जा,

चाहती हूं मैं तुझको दिल से,

मन मीत मेरे तू आजा।


तेरे मिलन की प्यास लगी है,

आ कर मेरी प्यास मिटा जा,

क्यूँ छपकर तू रहता है मुझ से,

मन मीत मेरे तू आजा।


रात की शुरुआत हो रही है,

अपनी बांहों में मुझे समा जा,

दिल मेरा बेताब बना है "मुरली",

मन मीत मेरे तू आजा।



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