STORYMIRROR

Rachanaa Nodiyaal

Abstract Inspirational

4  

Rachanaa Nodiyaal

Abstract Inspirational

मन की जीत

मन की जीत

1 min
211

मन से यदि हम‌‌ हार गए,

तो जीवन में फिर कैसे जीतेंगे,

मन में यदि हम विजयी है,

तो हम एक दिन खुद को साबित कर पाएंगे,


हमारी सोच ही हमारी जीत या हार तय करती है,

जैसे विचार मन में ‌‌‌पनपते हैं जीवन को वैसे ही तराशती है,

कोयला और हीरा भी तो एक ही खान में पाए जाते हैं,

केवल संघर्ष, सब्र और सहनशक्ति ही‌

कोयले को हीरे में परिवर्तित ‌‌‌‌‌‌करती है,


यह तो हम पर निर्भर करता है,‌‌‌‌‌‌‌  

कि हम क्या चाहते हैं,

कोयले की तरह जीवन भर जलना चाहते हैं कि

हीरे की तरह जगमगाना चाहते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract