STORYMIRROR

Rachanaa Nodiyaal

Abstract Inspirational

4  

Rachanaa Nodiyaal

Abstract Inspirational

नई शुरुआत

नई शुरुआत

1 min
224

ज़िन्दगी ठहर सी गई है,

सांसें सहम सी गई है,

आजकल यह एहसास ही नहीं होता है,

कि उम्मीदें थम सी गई है,


चलो फिर से आज उन यादों को ताज़ा करें,

सपनों में जमी धूल को झाड़ पोंछ कर साफ़ करेें,

एक बार फिर जीने का हौसला करे,

आज ‌‌सभी एक नई शुरुआत करें। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract