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Nivish kumar Singh

Inspirational

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Nivish kumar Singh

Inspirational

मन के शब्द

मन के शब्द

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न रात चांदनी

न दिन उजाला

 मन मे तेज तुफान है

 सब नयापर सब है हमारा

 बस मन थोड़ा परेशान है। 


अंजान जगहशांत सफेद कमरा 

जो दिखने से लगे कफन ओढ़ा। 

जहा अकेला हूँ एकांत में हूँ।


मन मे गूंज रही बस एक ही बात

हर सवालों के छाती पर

चढ़ कर अपना जवाब लिखू

हो ज़िंदगी की

बातया हो संघर्ष का लेख


शब्दों को शहद से नहला

अपना सुंदर इतिहास लिखूँ।


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