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Sharda Kanoria

Romance

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Sharda Kanoria

Romance

मन चला तेरी ओर

मन चला तेरी ओर

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मन चला तेरी ओर 

जैसे पतंग से बंधी एक डोर।

यह कैसा जादू है चला

उड़ चली में किस ओर।

मन चला तेरी ओर...


सारी ख्वाहिशें सारी तमन्नायें 

बोल रही सिरमोर 

यह कैसा नशा चढ़ा

खींची चली तेरी ओर।

मन चला तेरी ओर....


अरमान मचले सांसे बहकी

नहीं रही सुध बुध कुछ और

यह कैसी हवा चली

बह चली पकड़ इश्क की डोर।

मन चला तेरी ओर....

मन चला तेरी ओर....


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