STORYMIRROR

Dhanraj Baviskar

Romance

3  

Dhanraj Baviskar

Romance

मखमली पलंग

मखमली पलंग

1 min
210

मखमली पलंग नी मजा, बे दिलोनी सजा।


रात कहे छे के, चांदणी तारी साथ छे

चांद कहे छे के, तारी वीना पलंग नी क्या मजा  


मखमली पलंग नी, मजा बे दिलोनी सजा।।


राणी रातनी तू , मारी सवार छे

तू नो होय तो ये रात छे

जीवन मारो तारू छे

तारू वगर ये दुनिया सुनी छे

राह जोई रहिया तारो राजा


मखमली पलंग नी मजा,

बे दिलोनी सजा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance