Nishtha jain
Action Classics Inspirational
वो मजदूर नहीं
वो भी इंसान हैं।
झुग्गी झोपड़ी ही बस
बनाई ही हमने
उसकी पहचान है।
दो वक्त की रोटी
ही बस उसका अरमान है।
वो मजदूर नहीं,
करना हमें उसका सम्मान है,
क्योंकि वह आम नहीं,
मजदूर
मां, तू है मह...
मां के रूप
सजदा है !
"दिल को सब पत...
प्यार और दूरी
दिल में बसे
यह देश है मेर...
शिक्षक कौन है...
नर - नारी
समय रूपी पानी से आग दिल की अपनी बुझाओ समय रूपी पानी से आग दिल की अपनी बुझाओ
भाग्य को कोसते रहना, न कर्मठ को शोभायमान है। भाग्य को कोसते रहना, न कर्मठ को शोभायमान है।
टूटकर से तो फिर जुड़ना सीखा है हर किसी ने मत झुको हर बार गुरूर उनका टूटना अच्छा है। टूटकर से तो फिर जुड़ना सीखा है हर किसी ने मत झुको हर बार गुरूर उनका टूटना अच...
सगे तुम न बदलना, जमाना गर जाय बदल। सगे तुम न बदलना, जमाना गर जाय बदल।
जय जवान जय किसान कह गरीबों का मान बढ़ाया था जय जवान जय किसान कह गरीबों का मान बढ़ाया था
याद करें गुमनाम, मुस्लिम शिक्षक हुुई पहली। याद करें गुमनाम, मुस्लिम शिक्षक हुुई पहली।
ऑक्सीजन ब्लैक में बिकेगी इंजेक्शन मिल नहीं पायेगा ऑक्सीजन ब्लैक में बिकेगी इंजेक्शन मिल नहीं पायेगा
बाहर खेलना कभी सिखाते थे, घर में रहना आज सिखा रहे हैं, बाहर खेलना कभी सिखाते थे, घर में रहना आज सिखा रहे हैं,
आशिक एक दूजे के करीब आते-जाते है, पर ये नाकाम आशिक तेरे पास न आया। आशिक एक दूजे के करीब आते-जाते है, पर ये नाकाम आशिक तेरे पास न आया।
आओं नये साल का स्वागत करते हैं खुशियों के नये रंग इसमें भरते हैं। आओं नये साल का स्वागत करते हैं खुशियों के नये रंग इसमें भरते हैं।
से क्या नाता जुड़ गया है कि हम हर बार उसी के हो जाते हैं। से क्या नाता जुड़ गया है कि हम हर बार उसी के हो जाते हैं।
एक सच्चा मित्र ही तो आनंद को दुगुना और दुःख को आधा कर देता है । एक सच्चा मित्र ही तो आनंद को दुगुना और दुःख को आधा कर देता है ।
कच्चा मांस कभी भी खाओ ना, कपड़ों को दो घंटे धूप लगाओ ना, कच्चा मांस कभी भी खाओ ना, कपड़ों को दो घंटे धूप लगाओ ना,
तो फिर साहब! देश की एक बहुत बड़ी आबादी हाशिये पे क्यों है आज तो फिर साहब! देश की एक बहुत बड़ी आबादी हाशिये पे क्यों है आज
कौन पूछे हाल चाल, बुने नित माया जाल कौन पूछे हाल चाल, बुने नित माया जाल
चेहरे पर लोगों कि खुशियां होंगी बात करने पर सच्चाई पता हो जाएगी । चेहरे पर लोगों कि खुशियां होंगी बात करने पर सच्चाई पता हो जाएगी ।
ये वक्त बुरा हो संघर्षों से नहीं डरना, इसमें अपनी रोजी रोटी समझे तुम।। ये वक्त बुरा हो संघर्षों से नहीं डरना, इसमें अपनी रोजी रोटी समझे तुम।।
किसी को मिलता जग में प्रसिद्धि सम्मान तो किसी को इतराता है उसका अभिमान। किसी को मिलता जग में प्रसिद्धि सम्मान तो किसी को इतराता है उसका अभिमान।
उठने से उड़ने तक मैं ज़मीन से ही जुड़ा रहूँगा। उठने से उड़ने तक मैं ज़मीन से ही जुड़ा रहूँगा।
संसार बदलने वाला है .. क्या साल बीतने वाला है ? संसार बदलने वाला है .. क्या साल बीतने वाला है ?