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Nishtha jain

Action Classics Inspirational

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Nishtha jain

Action Classics Inspirational

मजदूर

मजदूर

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वो मजदूर नहीं 

वो भी इंसान हैं।

झुग्गी झोपड़ी ही बस

बनाई ही हमने

उसकी पहचान है।


दो वक्त की रोटी

ही बस उसका अरमान है।

वो मजदूर नहीं,

वो भी इंसान हैं।


करना हमें उसका सम्मान है,

क्योंकि वह आम नहीं,

वो भी इंसान हैं।


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