मिल गई
मिल गई
किसी को इश्क में सज़ा तो किसी को दुआ मिल गई
ये जिंदगी थी अधूरी उसमें भी एक बद्दुआ मिल गई।
दुनिया ने कहा देखता हूँ तू कहाँ तक जायेगा
साहब जहाँ मैं खड़ा था वही मेरी हमनवा मिल गई।
किसी को इश्क में सज़ा तो किसी को दुआ मिल गई
ये जिंदगी थी अधूरी उसमें भी एक बद्दुआ मिल गई।
दुनिया ने कहा देखता हूँ तू कहाँ तक जायेगा
साहब जहाँ मैं खड़ा था वही मेरी हमनवा मिल गई।