मीठी सी तन्हाई
मीठी सी तन्हाई
न जाने कितनी यादें ,कितनी बातें ,ले आती हैं,मीठी सी तन्हाई !
शोर -शराबे ,धूम -धडाकों से दूर कहीं ले जाती है ,मीठी सी तन्हाई !
अपने ही ,विचारों और भावनाओं को तौलती है , मीठी सी तन्हाई !
तुम्हारे प्रेम की बातें, प्रेम की पुकार से मुस्कुराती ,ये मीठी सी तन्हाई !
सुकूँ भरे वो पल !एहसास दिलाते अपनेपन का, जो हैं, मीठी सी तन्हाई!
मन की हलचल से कहीं, शांत कर, शांत कर जाती हैं ,मीठी सी तन्हाई !
तन्हा तुम , तन्हा मैं , आओ जश्न मना लें ! इस उम्र का ,ले मीठी सी तन्हाई !
यादों के पिटारे से निकलकर ,मुझे खूब गुदगुदातीं ,लुभातीं मीठी सी तन्हाई !
जीवन की धूप में ,चलते-चलते थका मैं ,ठंडक का एहसास दिलाती मीठी सी तन्हाई !

