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Laxmi Tyagi

Romance

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Laxmi Tyagi

Romance

मीठी सी तन्हाई

मीठी सी तन्हाई

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न जाने कितनी यादें ,कितनी बातें ,ले आती हैं,मीठी सी तन्हाई !

शोर -शराबे ,धूम -धडाकों से दूर कहीं ले जाती है ,मीठी सी तन्हाई !


अपने ही ,विचारों और भावनाओं को तौलती है , मीठी सी तन्हाई !

तुम्हारे प्रेम की बातें, प्रेम की पुकार से मुस्कुराती ,ये मीठी सी तन्हाई !


सुकूँ भरे वो पल !एहसास दिलाते अपनेपन का, जो हैं, मीठी सी तन्हाई!

मन की हलचल से कहीं, शांत कर, शांत कर जाती हैं ,मीठी सी तन्हाई !


तन्हा तुम , तन्हा मैं , आओ जश्न मना लें ! इस उम्र का ,ले मीठी सी तन्हाई !

यादों के पिटारे से निकलकर ,मुझे खूब गुदगुदातीं ,लुभातीं मीठी सी तन्हाई !


जीवन की धूप में ,चलते-चलते थका मैं ,ठंडक का एहसास दिलाती मीठी सी तन्हाई !


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