Sandeep Sharma
Horror
खुशियां नहीं होंंगी कम
महामारी कुचल देंंगे हम।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर। अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर।
अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया। अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया।
बढ़ती कमी को महसूस किया और अपने परिवार को अपना समय दिया। बढ़ती कमी को महसूस किया और अपने परिवार को अपना समय दिया।
हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है। हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है।
टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी। टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी।
चिड़ियों के रैन-बसेरे भी काट लिया उड़ान को ना छोड़ा आसमान खाली। चिड़ियों के रैन-बसेरे भी काट लिया उड़ान को ना छोड़ा आसमान खाली।
धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया
कुशल बहु तेरे माँ -बाप भी न लगाएँगे हॉस्पीटलों के फेरे। कुशल बहु तेरे माँ -बाप भी न लगाएँगे हॉस्पीटलों के फेरे।
लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए। लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए।
आदमी की ज़िंदगी है जैसे माटी का खिलौना टूट जाये तो जुड़ना आसान नही है। आदमी की ज़िंदगी है जैसे माटी का खिलौना टूट जाये तो जुड़ना आसान नही है।
अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं
उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया। उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया।
पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, बलिदान हुई न पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, ...
रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है। रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है।
एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है। एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है।
अपने इस ढीठ पन का कुछ तो तुम इलाज करो ना अपने इस ढीठ पन का कुछ तो तुम इलाज करो ना
एक मानव नष्ट होकर लाखों को नष्ट कर जाएग। एक मानव नष्ट होकर लाखों को नष्ट कर जाएग।
मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था। मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था।
हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है। हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है।
होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो............. होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो.............