Sandeep Sharma
Romance
जहां होता बुजुर्गों का सम्मान
वहां बसती खुशियां अपार।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में.. तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में..
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
खास दिन का और महज़ चंद रुपयों की चीज़ का मोहताज कोई क्यूँ रहे। खास दिन का और महज़ चंद रुपयों की चीज़ का मोहताज कोई क्यूँ रहे।
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
हृदय क्षितिज में घर्राते बादल, गर्जना छोड़ , बरसात बरसा। हृदय क्षितिज में घर्राते बादल, गर्जना छोड़ , बरसात बरसा।
"फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं। "फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं।
तू क्यों आता है लौट के जाने के लिये कैसे खुद में थाम लूँ, बसा लूँ खुद में तुझे। तू क्यों आता है लौट के जाने के लिये कैसे खुद में थाम लूँ, बसा लूँ खुद में तु...
प्रेम का ख़याल, प्रेम से भी बड़ा होता है। प्रेम का ख़याल, प्रेम से भी बड़ा होता है।
नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे। मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे।
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई। उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई।
वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक… वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक...
वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता है वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता ह...
वो मेरा पहला प्यार जो इन सांसों में बसा है खुशबू की तरह आज भी दिल को महक आता है फूलों की तरह आज ... वो मेरा पहला प्यार जो इन सांसों में बसा है खुशबू की तरह आज भी दिल को महक आता ...
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।
चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं। चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं।