Sandeep Sharma
Action
परिश्रम से बड़ा नहीं सबक कोई
पत्थरों को काट देे उससे बड़ा न कोई।
वयं रक्षाम् व...
दीप
सपने
बुजुर्ग
परिश्रम
तानाशाही
ताकत
सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
रक्षाबन्धन पर खुशहाली, देव दुआ हर घर में हो। रक्षाबन्धन पर खुशहाली, देव दुआ हर घर में हो।
कोरोना रूपी अंधकार जड़ से मिटाएँगें। कोरोना रूपी अंधकार जड़ से मिटाएँगें।
दूसरों से कोई उम्मीद मत करो, तुम बस अपना कर्तव्य निभाओ। दूसरों से कोई उम्मीद मत करो, तुम बस अपना कर्तव्य निभाओ।
सिर्फ एक बार, निक खुद को रोने के बारे में सोचता है। इस सीने की आंधी में तूफ़ान थम जाए। सिर्फ एक बार, निक खुद को रोने के बारे में सोचता है। इस सीने की आंधी में तूफ़ा...
आस्था ये कैसी.. बस उसे ही नृप घोषित किए जाता हूँ आस्था ये कैसी.. बस उसे ही नृप घोषित किए जाता हूँ
मां का दुलार, स्वस्थ रहने की प्रेरणा जीवन नशे में रहने का आशीर्वाद है। मां का दुलार, स्वस्थ रहने की प्रेरणा जीवन नशे में रहने का आशीर्वाद है।
खुद के चेतन को जगाता गया मैं एक अविरल अविच्छिन्न प्रकाश सा बन रह गया खुद के चेतन को जगाता गया मैं एक अविरल अविच्छिन्न प्रकाश सा बन रह गया
एक जठर अग्निवेश की ये माया सात्विक मैं सात्विक मैं। एक जठर अग्निवेश की ये माया सात्विक मैं सात्विक मैं।
किस तरह से तुमको अच्छा ही सुनाए हम से कभी तो कुछ खराब भी सुनिए। किस तरह से तुमको अच्छा ही सुनाए हम से कभी तो कुछ खराब भी सुनिए।
अच्छे कर्मों पर की गई बड़ाई प्रेरणा देती है अच्छे कर्मों पर की गई बड़ाई प्रेरणा देती है
राजमार्ग की हवेलियों में बैठे मोहल्ले वालों ये लोग एक दिन तुझसे जवाब मांगेंगे। राजमार्ग की हवेलियों में बैठे मोहल्ले वालों ये लोग एक दिन तुझसे जवाब मांगेंगे...
हम सब भी उसी तरह नाच-गाकर सावन का ये त्यौहार मनाये। हम सब भी उसी तरह नाच-गाकर सावन का ये त्यौहार मनाये।
वो क्या जाने चाय की चुस्की, चमगादड़ सूप पीनेवाला वो क्या जाने चाय की चुस्की, चमगादड़ सूप पीनेवाला
इतिहासो ने अभिमन्यु की वीर कथा जो गाई है मृत्यु से आंख मिचोली करके उसने परम गति ये पा इतिहासो ने अभिमन्यु की वीर कथा जो गाई है मृत्यु से आंख मिचोली करके उसने परम ...
तू नगण्य क्यों बने, श्वांस क्षीण क्यों बहे ऊर्जा का स्रोत बन, सृष्टि का नियम कहे। तू नगण्य क्यों बने, श्वांस क्षीण क्यों बहे ऊर्जा का स्रोत बन, सृष्टि का नियम ...
बेशर्त तुम्हारे साथ है डॉक्टर एक शब्द नहीं जज़्बात है। बेशर्त तुम्हारे साथ है डॉक्टर एक शब्द नहीं जज़्बात है।
फिर भी धँसना है.. मौन मुझे.. हिमखण्डो का वो तेज लिए.. फिर भी धँसना है.. मौन मुझे.. हिमखण्डो का वो तेज लिए..
फ़ायदा तो हुआ अब तक नुकसान भी होता नशे में चूर अपने रिश्ते नाते भूला जाते फ़ायदा तो हुआ अब तक नुकसान भी होता नशे में चूर अपने रिश्ते नाते भूला जाते
भारत की मैं बेटी हूँ भारत का मान बढ़ाऊंगी! मातृभूमि की माटी से मैं माथे तिलक लगाउंगी । भारत की मैं बेटी हूँ भारत का मान बढ़ाऊंगी! मातृभूमि की माटी से मैं माथे...
तुम संग्रामों के विकट विकराल तुम भारत के नौजवान तुम। तुम संग्रामों के विकट विकराल तुम भारत के नौजवान तुम।