Sandeep Sharma
Action
परिश्रम से बड़ा नहीं सबक कोई
पत्थरों को काट देे उससे बड़ा न कोई।
वयं रक्षाम् व...
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परिश्रम
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सरस्वती मंदिर
पर्यटन
प्रेम
तू शक्तिस्वरूपनी है, तू जगदम्बा है, तू जगा विश्वास, तोड़ हर बंधन के भाव। तू शक्तिस्वरूपनी है, तू जगदम्बा है, तू जगा विश्वास, तोड़ हर बंधन के भाव...
देखी हो ऐसी जगह तो ले चलो मुझे वहाँ यही एक आस है। देखी हो ऐसी जगह तो ले चलो मुझे वहाँ यही एक आस है।
केसरिया, सफेद और हरा रंग आजादी की गाथा गाते हैं इस मिट्टी में मिला लहू जिनका हमें उनकी याद ... केसरिया, सफेद और हरा रंग आजादी की गाथा गाते हैं इस मिट्टी में मिला लहू जिन...
कभी दुश्मन से सर कटवाता है, कभी घर में ही चीर दिया जाता है। कभी दुश्मन से सर कटवाता है, कभी घर में ही चीर दिया जाता है।
मैं नदियों के तेज बहाव से कुछ बातें करना चाहता हूँ क्योंकि मैं भी अब अपनी ज़िंदगी से प्यार करना चा... मैं नदियों के तेज बहाव से कुछ बातें करना चाहता हूँ क्योंकि मैं भी अब अपनी ज़िं...
दुर्धर्ष, प्रबल, घातक प्रहार वीरों के तन का है सिंगार । दुर्धर्ष, प्रबल, घातक प्रहार वीरों के तन का है सिंगार ।
करें खुद पर यकीन का बिगुल बजाएं अपनी खुशियां चलो बाँट आयें करें खुद पर यकीन का बिगुल बजाएं अपनी खुशियां चलो बाँट आयें
समय का पहिया घूमा आगे नाम मिला औ शोहरत भी, धीरे धीरे वंश बढ़ा आए सब सुख साधन भी। चा समय का पहिया घूमा आगे नाम मिला औ शोहरत भी, धीरे धीरे वंश बढ़ा आए सब सुख साधन ...
वादा रहा, मैं फिर आऊंगा "वादा रहा" मैं फिर आऊंगा। वादा रहा, मैं फिर आऊंगा "वादा रहा" मैं फिर आऊंगा।
दिवाली नहीं तो होली तो आप सब के संग मनाऊंगा। दिवाली नहीं तो होली तो आप सब के संग मनाऊंगा।
जितना दफा तुम पेंच लड़ा लो आख़िर में तुम को भी मरना है। जितना दफा तुम पेंच लड़ा लो आख़िर में तुम को भी मरना है।
अनुभव कहता न ज्यादा दिमाग खपाओ सीधी बात कहो और पार हो जाओ। अनुभव कहता न ज्यादा दिमाग खपाओ सीधी बात कहो और पार हो जाओ।
आओ मिलकर हम भी मनाएं गाँधी जयंती का त्यौहार। आओ मिलकर हम भी मनाएं गाँधी जयंती का त्यौहार।
एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा। एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा।
पर्यावरण दिवस पर बेजुबां प्राणी का प्रश्न, ये आदमी क्योंं अब जानवर हो गया। पर्यावरण दिवस पर बेजुबां प्राणी का प्रश्न, ये आदमी क्योंं अब जानवर हो गया।
सच बोलने से बढ़ता जाए जब मुसीबत, ईमानदार पत्रकार पर लगे तब तोहमत सच बोलने से बढ़ता जाए जब मुसीबत, ईमानदार पत्रकार पर लगे तब तोहमत
और जो हमारे व्यक्तित्व को एक नई दिशा दे महान बनाते हैं, वही हमारे शिक्षक और गुरुजन कहल और जो हमारे व्यक्तित्व को एक नई दिशा दे महान बनाते हैं, वही हमारे शिक्षक और ग...
तेरे शौर्य के दर्शन से, वंचित धरती आकाश नहीं। तेरे शौर्य के दर्शन से, वंचित धरती आकाश नहीं।
पहन लेता है जब कोई सिपाही वतन को फिर कोई खतरा नहीं रहता। पहन लेता है जब कोई सिपाही वतन को फिर कोई खतरा नहीं रहता।
क्योंकि एक आर्ट गैलेरी सी ‘दर्पण’ जो तुम हो। क्योंकि एक आर्ट गैलेरी सी ‘दर्पण’ जो तुम हो।