मेरी उन यादों में
मेरी उन यादों में
सुकून भी था करार भी था
दिल को तेरा इंतज़ार भी था
तू आती थी मुझसे मिलने
होंठों पर हंसी लेकर।
देखा आज भी है तुमको
पहले जैसी ही तो हो
मेरी उन यादों में।
धूप में गर्मी न लगती थी
ठंड में ठंडक का ना था एहसास
तेरे आने की ख़ुशी से बुझ जाती थी
ना जाने वो कैसी थी प्यास।
कहा आज भी वही तुमने
कुछ तो ख्याल रखा करो
मेरी उन यादों में।
हमको कहाँ अपना होश रहता था
तेरे इश्क़ में दिल मदहोश रहता था
ना दर्द का पता ना दवा की खबर रहती थी
तेरे चेहरे की उदासी बस यही कहती थी।
बोला आज भी वही तुमने
कि मुझे यू ना सताया करो
मेरी उन यादों में।
बदलते वक़्त के साथ क्या क्या बदल गया
क्या कुछ जुड़ गया और क्या क्या टूट गया
तुम भी घर बदल कर चली गयी
और मेरा भी मुहल्ला छूट गया।
पर आज भी यही लगता है
कि सब पहले जैसा ही तो है
मेरी उन यादों में।

