STORYMIRROR

Abhay kumar Singh

Romance

3  

Abhay kumar Singh

Romance

मेरी चांद बन जाती

मेरी चांद बन जाती

1 min
249


तेरे बगैर मेरा होना

खाली पड़ा है दिल का कोना,

सूनी गलियां, सूनी सड़कें

दिल ये मेरा जोड़ो धड़के..

आंहें भी अब रूक गई हैं

क्या बताऊँ थक गई हैं

जिंदगी में आके मेरी

चांद बन जाती.. 

राब्ता यह तेरा मेरा

सूरज पूछे हर सवेरा

थोड़ा इन्तजार कर जाती

जीने का सहारा बन जाती

तू मेरा नज़ारा बन जाती।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance