STORYMIRROR

Abhay kumar Singh

Inspirational

3  

Abhay kumar Singh

Inspirational

गुरु ने हमें सजाया है

गुरु ने हमें सजाया है

1 min
324

हम तो भूले भटके बंजारा से 

आए हैं, पथ पर लाया तूने 


भूले बिसरे गीत सुनाकर 

कली को फूल बनाया तूने 


पत्थर थे कल तब ठुकराए जाते थे

पत्थर को भी अपने इल्म से संगमरमर बनाया तूने 


हम तो भूले भटके बंजारा से 

आए हैं, पथ पर लाया तूने ।।


जीवन का ख़म अब खत्म हो गया

दुखद क्षण था, दफन हो गया


चंद्र चमक करूणा हमारे 

मौलिक बन सजाया तुने


हम तो भूले भटके बंजारा से 

आए हैं, पथ पर लाया तूने 


भूले बिसरे गीत सुनाकर 

कली को फूल बनाया तूने !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational