STORYMIRROR

Pinki Khandelwal

Inspirational

4  

Pinki Khandelwal

Inspirational

नया साल नयी उम्मीदें....।

नया साल नयी उम्मीदें....।

1 min
289

बीते साल की यादों को दिल में सहेजकर.. आगे बढ़ो,

देखो नया साल फिर नयी उम्मीदें लाएगा,

बेशक बीता साल कुछ कड़वी यादों से भरा रहा,

पर नया साल खुशियों की सौगात लाएगा,


जो सपने बीते साल में रह गये अधूरे हैं,

नया साल उनको पूरे करने की उम्मीद बन आया है,

फिर क्यों कड़वी यादों को सहेज कर बैठे हो?

भूलकर उन्हें नये साल में नयी यादें बनाते हैं,


चलो नये साल में कुछ करके जाते हैं,

जिससे हर पल याद रहे यह साल हमें,

क्यों न इस साल को यादगार बनाते हैं?

भूल पुरानी बातें कुछ नया कर जाते हैं,


क्यों न नये साल के पहले दिन कुछ संकल्प लेते हैं,

और उसे पूरी शिद्दत से निभाते हैं,

जो रूठ गए बीते साल हमसे,

क्यों न उनको भी अपना बनाते हैं,


सिर्फ कहने को नहीं यह वादे हमारे,

हर साल इस पर अमल कर जाते हैं,

जो हो गया उससे कुछ सीखकर,

उन गलतियों को फिर कभी न दोहराते हैं,

कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं,

क्यों न नए साल में मीठी यादें बनाते हैं,


जो रह गए सपने अधूरे,

उनको पूरे करने की कोशिश करते हैं,

क्यों न नये साल में नयी यादें बनाते हैं,

कुछ लोगों के चेहरे पर खुशियां लाते हैं,


क्यों न इस साल कुछ नया कर जाते हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational