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PRATAP CHAUHAN

Abstract Romance

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PRATAP CHAUHAN

Abstract Romance

मेरे यारो

मेरे यारो

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 आओ देखो मेरे यारो,

 दुनियां कितनी सुंदर है।

 जितना धरती के ऊपर है,

 उतना धरती के अंदर है।


 रंग बिरंगी है यह धरती,

 रंगीले   इसके   लोग।

 प्यार मोहब्बत की बातों से,

 लगा  इश्क   का  रोग।


 साथ निभाता जीवनसाथी,

 हाथ  मिलाता  दोस्त,

 एक दूजे का बनें सहारा,

 ना होवे  कोई  मनोस्त।


 आसमान की ऊंचाई पर,

 होगी उम्मीदों की डोर।

 जीवन के इस अंधकार में,

 कर लो दीप्तिमान हर भोर।


 हाथ पकड़कर एक दूजे का,

 जीतेंगे बाधाओं की रेस।

 प्यार मोहब्बत वाला अपना,

 सरल सुगम होगा एक देश।


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