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Alpi Varshney

Tragedy Classics Fantasy

4  

Alpi Varshney

Tragedy Classics Fantasy

मेरे शब्द मेरे मोती

मेरे शब्द मेरे मोती

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मेरे भाव ही मेरे शब्द

शब्द ही मेरे वाक्य

वाक्यों से ही मेरी कहानी बनी।

मेरे भाव ही मेरे शब्द 


शब्दों से ही मेरी राजभाषा

शव्दों से ही अनेक रूप

शब्द से ही देवनागरी संचित

शब्दों से ही विज्ञान बना।

मेरे भाव ही मेरे शब्द

शब्दों से ही मेरी शिक्षा प्रारम्भ

शब्दों से ही उपन्यास बना

शब्दों से ही बने रिश्ते 

शब्दों से ही रचता व्यवहार।

मेरे भाव ही मेरे शब्द

शब्दों से टूट जाये दिल किसी का 

शब्दों से बना प्यार किसी का

प्रेणना स्रोत बने शब्द मेरे

मेरी ताकत मेरा जुनून शब्द मेरे।

शब्द-शब्द से बनती दुनिया सारी

शब्दों से ही बनी रचना मेरी

शब्द- शब्द ही मेरी ताकत 

मेरे भाव ही मेरे शब्द

शब्दों से ही मैं अपनी माला पोती।


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