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Shraddhanjali Shukla

Romance

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Shraddhanjali Shukla

Romance

मेरे प्यार

मेरे प्यार

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रंग नूर खुशबू ये सब बेजान है

मेरी चमक सिर्फ तेरी पहचान है,

तू आकर कहे प्यार नहीं मुझसे

मैं यही कहूँगी तू नादान है।।


तेरे दिल की धड़कन जानती हूँ

एक मैं ही तुझे पहचानती हूँ,

तू बात जब करता है जुबान से

तेरे मन की बात सुन पाती हूँ ।।


जताते हो तुम प्यार जमाने से

बन जाते हो मुझसे बेगाने से,

कभी अपनी साँसो से तो पूछो

वो चलेंगी क्या मेरे जाने से?


आँखों में तेरी अक्स है मेरा

मैं ही रात और मैं ही सवेरा,

मैं ही मैं तो हूँ रूह में तेरी

तू होकर भी तुझमें कुछ नहीं तेरा।।



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