STORYMIRROR

Navin Madheshiya

Romance

3  

Navin Madheshiya

Romance

मेरे मीत

मेरे मीत

1 min
310

ओ मितवा सुन ले दिलदारा 

मुड़कर मुझे भी देख एक बार

चला जाऊंगा मैं भी एक बार

तो ना मिलूंगा दोबारा।

 

ओ मितवा

ओ यारा बेदर्दी हम यारा 

मत जा छोड़ के ओ मत जा

छोड़ के मुझे दोबारा।

 

सुन ले मितवा मेरे यारा 

मत जा छोड़ के मेरे दिलदार 

जा रहा छोड़कर तो सुन ले बेदर्दी।

 

करना याद मुझे जब हो तन्हा 

करूंगा विनती मैं रब से सदा 

मुझे गम में रखें पर खुश रहे तू सदा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance