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सोनी गुप्ता

Romance

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सोनी गुप्ता

Romance

मेरे जीवन साथी

मेरे जीवन साथी

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बांध लिया तुमको जब मैंने निज बाहों में, 

सुध -बुध ना रही मन में यह कौन सा क्षण आया, 

नभ दामिनी गरजे, मेघ बरखा बन बरस रही, 

बरसातों की बूंदों संग ,तुमसे हमको यूँ प्यार आया , 

आंखें मेरी बरस उठी और चाह मेरी तरस उठी, 

प्रेम से मिलने को तुमने जब अपनी बांहों को फैलाया I


रुक गया राहों में,मैं उनका इजहार देखकर, 

दिल उनके नाम किया उनका प्यार देखकर, 

तेरी यादों का ये मौसम आज सुहाना हो गया, 

मन की बगिया में खिले हुए फूलों को देखकर, 


दिल के हाल को प्रेम पत्र पर लिख दिया हमने, 

वो मंद- मंद मुस्कुरा रहे हमारा पैगाम देखकर, 

नजर में फूल महके और दिल में समा जल गई, 

दिल धड़क रहा आज उन्हें महफिल में देखकर, 


सच कहते अब न जिंदगी गुजरेगी उनके बगैर, 

जिंदगी गुजर रही,जी रहे हम बस उन्हें देखकर, 

मेरे अधूरे -अधूरे से ख्वाबों के तुम किताब हो, 

हर सवालों के जवाब मिल जाते तुम्हें देखकर I



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