STORYMIRROR

Shalinee Pankaj

Romance

4  

Shalinee Pankaj

Romance

मेरे जाने के बाद

मेरे जाने के बाद

1 min
211

देखती हूँ जब किसी को असमय जाते

दिल धक्क सा हो जाता है

जाने किस पल, कौन घड़ी

किससे छूटा नाता है।


क्यो संचय मैं व्यर्थ करूँ

क्यों लगाऊँ दिल कहीं

न मोह रिश्तों से रखूं

न मोह अपनो से करूँ।


लगाव किसी की न मुझसे हो

हाँ ऐसा ही कुछ व्यवहार करूँ

कुछ लिखुँ डायरी के पन्नो में

बच्चों के लिए

की फुर्सत में कभी याद कर ले

जाने कौन सी

सीख का बादल बन छा जाऊँगी

और बरस जाऊं दुआओ की बारिश बन

बच्चों के आँगन में।


 हिदायते लिखूँगी तुम्हारे लिए

की जीना सरल हो तुम्हारा

इन हिदायतों के रूप में फिक्र रहेगी मेरी

तुम्हारे लिए

कुछ पुण्य हो मेरे तो तेरी

रक्षाकवच बन जाऊँगी।


घूमती रहूँगी तेरे आस पास

ओरा बन

बाकी सब छोड़ जाऊँगी यूँ ही

बेतरतीबी से

याद आये मेरी तो सम्हालना।

 

जमाना मेरी अलमारी

देखना पुराने एलबम

बस कभी कभी

और कभी कुछ लिखना भी

मेरे लिए।


रिक्तता के लिए

मेरे बाद 

मेरे लिए

एक ख्वाब सी जगह देना

जो कभी कभी आये

और याद भी न रहे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance