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Prashant Lambole

Drama Tragedy

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Prashant Lambole

Drama Tragedy

मेरे जाने के बाद

मेरे जाने के बाद

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जिंदा था तो बुराईयां ढूंढ़ते रहे

मेरे जाने के बाद, अच्छाईयां खंगाल रहे हो?

जीते जी हाल पूछने, आ ना सके तुम

आज चले जाने के बाद, शोक जता रहे हो?


दुनिया मतलबी होती है, सुना था

आज नए सिरे से, अनुभव भी कर रहा हूँ

गमों का पहाड़ टूटा है, मेरे अपनों पे

और तुम मेरे कफ़न से, अपने आईने चमका रहे हो?


सपने अच्छे होते है मगर, सपनों का बोझ बुरा होता है

सफ़ेद पर्दे के पीछे की दुनिया का, सच काला होता है

बोझिल मन और दुःखी अंतःकरण से, मै विदा हुआ हूँ

मै तो हार गया, पर तुम जरूर जितना, ये आशा करता हूँ


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