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Madhu Vashishta

Inspirational

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Madhu Vashishta

Inspirational

मेरे देश की माटी

मेरे देश की माटी

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 ये देश मेरा, अभिमान मेरा

ये जान मेरी, ये शान मेरी।

ये देश ही है पहचान मेरी।


इस देश की माटी में ही खेल खेल कर बड़े हुए।

इस देश की गोदी में ही हम पढ़ लिखकर सुदृढ़ हुए।


यहां जो कुछ है मिलता हमको वह दूसरे देशों में कहां होगा?

भारत माता तो मेरी यहीं पर है,

विदेशों में वह प्यार कहां होगा।


करोना कॉल में सब ने देखा।

ऐसा प्यार किसी और में कहां?

हम देशवासियों ने मिलजुल कर,

कोरोना को रहने दिया ही कहां?


हमने हर दिन त्योहार मनाया

माता पिता का प्यार हर दिन था पाया।

मदर्स डे फादर्स डे का हमारा देश मोहताज कहां?


यह संस्कार इसी देश में पाए।

विवाह सात जन्मों का बंधन है।

तलाक और डाइवोर्स शब्द भी विदेशी हैं।

हमने तो प्रत्येक रिश्ते ही प्यार से निभाए।


ऐसे महान संस्कार कहीं और कहां?

ऐसे महान विचार कहीं और कहां?

वेद, पुराण ,रामायण गीता जैसे

अध्ययन करने को ग्रंथ कहां?


भारत माता की प्यारी धरती पर,

जन्म मिले सब के एसे भाग्य कहां?

हे भारत माता नमन तुमको।

तुम्हारे सिवा इस जीवन में कुछ है ही कहां?


      


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