STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Inspirational

मेरा मन करूणा से भर जाए

मेरा मन करूणा से भर जाए

1 min
233

किसी रोगी को पीड़ा से तड़पते हुए देखूं।

किसी ग़रीब को भूख से तरसते हुए देखूं।

मेरा मन करुणा से भर जाए।


किसी स्त्री को अपमानित होते हुए देखूं।

किसी मासूम को प्रताड़ित होते हुए देखूं।

मेरा मन करुणा से भर जाए।


किसी दिव्यांग को बैसाखी से चलते हुए देखूं।

किसी वृद्ध को अपनी आयु से लड़ते हुए देखूं।

मेरा मन करुणा से भर जाए।


किसी प्यासे को पानी के लिए भटकते हुए देखूं।

किसी बच्चे को खिलौने के लिए बिलखते हुए देखूं।

मेरा मन करुणा से भर जाए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama