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Pinki Khandelwal

Romance

4  

Pinki Khandelwal

Romance

मेरा कान्हा

मेरा कान्हा

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सांझ सवेरे मैं बाबिरया,

तेरे पीछे पीछे यमुना तट पर,

भूली बिसरी नाम जपूं सिर्फ तेरा,

और तू यूं भागे फिरे गली गली,

ओ श्याम तू है मेरा,

सुन ले श्याम तू है मेरा,


सुन सखी...ओ मेरी प्यारी सखी,

 मैं हूं माखनचोर मतवाला,

 बंसी बजैया छैन छबैया,

 घूमता ब्रज की हर गलियां,

 सबका सखा सबका कान्हा,

 मैं यशोदा का नंदलाला,

 नटखट नंदकिशोर माधव कुंज बिहारी,

 मुरलीधर बंशीधर राधेश्याम है नाम म्हारा।


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