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Kumar Gaurav Vimal

Abstract Drama Fantasy

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Kumar Gaurav Vimal

Abstract Drama Fantasy

मेरा भाई

मेरा भाई

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गुरूर का गुर भी पड़ जाए फीका,

ऐसी मेरे भाई की शान हैं ....

रहे भले कोई बादल बनकर,

पर भाई मेरा आसमान हैं...

बिना उँगली लम्बी किए, 

घी निकल ले वो सुराही से...

जानना चाहते हो तो सीख लो,

आकर मेरे भाई से...


सुरूर का सुर भी उड़ जाए ,

इतना अच्छा वो गाता है...

काम भले ही कोई भी हो,

भाई को मेरे सब आता है...

जो दो हाथों से भी न कर पाए, 

मेरा भाई कर ले वो परछाई से...

जानना चाहते हो तो सीख लो,

आकर मेरे भाई से...


विज़न है इनका फ्यूचरिस्टिक, 

सपने बड़े इनके लार्ज है...

कभी रहते है ये बिलकुल आलसी,

तो कभी ये होते फुल चार्ज है...

हर पल को सेलिब्रेट करते है,

ये अपने पर्सनल कमाई से...

बनाना चाहते हो अगर दिलदार,

तो सीख लो मेरे भाई से....


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